Today Shayri 9th dec.2019

सूरज, सितारे , चाँद मेरे साथ में रहे ,
जब तक तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में रहे,
शाखों से टूट जाये वो पत्ते नहीं हैं हम,
आंधी से कोई कह दे की औकात में रहे.


.ज़ुबान तो खोल, नज़र तो मिला, जवाब तो दे,
मैं कितनी बार लुटा हूँ मुझे हिसाब तो दे,
तेरे बदन की लिखावट में हैं उतार चढ़ाव,
मैं तुझको कैसे पढूंगा मुझे हिसाब तो दे..

Today Shayri 9th dec.2019

 

Today Shayri 9th dec.2019

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Today Shayri 9th dec.2019

Today Shayri 9th dec.2019

 

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Today Shayri 9th dec.2019

 

Today Shayri 9th dec.2019

तेरी बेवफाई जहाँ से है, मेरी रुस्वाई वहां तक है,
दिल ऐ तन्हाई जहाँ तक है, मेरी आज़माइश वहां तक,
तू क्या जाने मेरी फितरत ऐ उमीदें,
मेरी इन्तेहाँ से आशिकी वहां तक है, तेरी ज़िन्दगी जहाँ तक है..


मन कपडा नहीं फिर भी मैला हो जाता है ,
दिल कांच नहीं फिर भी टूट जाट है,
अजीब दस्तूर है ज़िन्दगी का,
रूठ कोई जाता है , टूट कोई जाता है..

 

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